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‘तू राजा की राजकुमारी, पाणी आली पाणी प्यादे गीत से पद्मश्री महावीर गुड्डू ने सांस्कृतिक संध्या में बांधा समां
39वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीयआत्मनिर्भर शिल्प मेला- 2026- मुख्य चौपाल पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में लोक गायक महावीर गुड्डू ने हरियाणवी गीतों से सुनाई हरियाणवी संस्कृति की झलक - 39 वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेले में हरियाणवी गायक के गीतों पर झूमे पर्यटक

सूरजकुंड (फरीदाबाद), 2 फरवरी।
‘तू राजा की राजकुमारी, मैं सिर्फ लंगोटे आला सूं, भांग रगड़ कै पीया करूँ’ कुंडी सौटे आला सूं,पाणी आली पाणी प्यादे गीतों की सुरीली सांझ में देर शाम सूरजकुंड शिल्प मेला परिसर गूंजायमान हो गया। 39 वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड आत्मनिर्भर शिल्प मेला की चौपाल पर जब पद्मश्री अवार्डी विख्यात आर्टिस्ट महावीर गुड्ड ने अपनी प्रस्तुति दी तो पूरा मेला परिसर हरियाणवी सांस्कृतिक रंग से सराबोर हो गया।
सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव में जब लोक कलाकार महावीर गुड्डू ने तू राजा की राजकुमारी, मैं सिर्फ लंगोटेआला सूं’ गीत गाकर वहां उपस्थित लोगों में जोश भर दिया। इसके अलावा उन्होंने पाणी आली पाणी प्यादे,तूं क्यूं अन्बोल खड़ी होगयीं,सो सो पड़े मुसीबत उम्र जवान मैं, भगत सिंह कदे जी घबरा जा बंद मकान मैं’पड़ी को गीत पर सभी दर्शक महान क्रांतिकारी भगत सिंह को याद कर भावुक हो गए। इसी क्रम में उन्होंने देशभक्ति से ओतप्रोत गीत व रागनियों से हरियाणवी संस्कृति पर आधारित गायकी का जादू पंडाल में बिखेरा। उन्होंने बिना किसी अंतराल के दो घंटे से भी अधिक समय तक निरंतर प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम में सहकलाकार अनु द्वारा हरियाणवी गीत राम के थे,राम के हैं और राम के रहेंगे गीत की शानदार प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर हरियाणा पर्यटन निगम के एमडी पार्थ गुप्ता, एजीएम राजपाल सहित सम्बन्धित अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।





