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मेले की सोमवार की शाम, रही गायक कैलाश खेर के नाम

कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री डा. अरविंद शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि की शिरकत, शहीद इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद को दी श्रद्धांजलि

सूरजकुंड (फरीदाबाद)।
39 वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय क्राफ्ट मेले की सोमवार की शाम विश्वविख्यात गायक कैलाश खेर के नाम रही। अपनी दमदार और सुरीली आवाज से उन्होंने एक के बाद एक शानदार गीत प्रस्तुत कर पर्यटकों को झूमने पर विवश कर दिया। पूरा परिसर तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा और दर्शक देर तक उनके गीतों का आनंद लेते रहे।
सोमवार को सूरजकुंड मेला परिसर में आयोजित सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डा. अरविंद कुमार शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि किया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी डा. रीटा शर्मा सहित परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। मंच से कैलाश खेर का भव्य स्वागत किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ उन्हें एक पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया।
कैलाश खेर ने बाहुबली फिल्म के अपने पसंदीदा गीत कौन है वो कौन है वो कहां से वो आया…, तेरे नाम से जी लू तेरे नाम से मर जाऊं…, टूटा टूटा एक परिंदा ऐसे टूटा…, हीरे मोती मैं ना चाहूं…, जैसे गीतों से शाम को रंगीन बना दिया। वहीं उन्होंने एक सुनो मेरी भोले नाथ जी… गीत की प्रस्तुति से मेले की सांस्कृतिक संध्या को भक्तिमय बना दिया। उनके सभी गीतों की प्रस्तुतियों पर पर्यटक जमकर झूमते रहे।
मुख्य अतिथि डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि कैलाश खेर जैसे महान कलाकार को सम्मानित करना पूरे मंच और प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उनकी आवाज में देश की संस्कृति, गरिमा और आध्यात्म की झलक मिलती है। सूरजकुंड मेला दर्शकों को ऐसे कलाकारों से रूबरू होने का अनूठा अवसर प्रदान करता है, जिससे संगीत प्रेमियों की दीवानगी साफ दिखाई देती है।
पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि 1987 में शुरू हुआ यह अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। मेले की भव्यता और सुंदरता हर वर्ष बढ़ती जा रही है और यह कलाकारों व शिल्पकारों को वैश्विक मंच प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जहां 44 देशों ने भाग लिया था, वहीं इस बार 50 से अधिक देशों की सहभागिता मेले की अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत कर रही है।

उन्होंने हाल ही में हुए हादसे का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रशासन, पुलिस और पर्यटन प्राधिकरण की तत्परता से स्थिति को तुरंत संभाल लिया गया और कोई नागरिक हानि नहीं हुई। इस दौरान उन्होंने बहादुर इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की शहादत को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर कई लोगों की जान बचाई। पर्यटन मंत्री ने पर्यटकों से अपील की कि मेले में आएं तो कलाकारों और शिल्पकारों से मिलें, उनके उत्पाद खरीदें और उनका उत्साहवर्धन करें। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सूरजकुंड मेला महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
डॉ. शर्मा ने कैलाश खेर का विशेष आभार व्यक्त करते हुए बताया कि विभाग के आमंत्रण पर उन्होंने तुरंत मेले में आने की सहमति दी, जो हरियाणा के प्रति उनके विशेष लगाव को दर्शाता है। सांस्कृतिक संध्या संगीत, उत्साह और देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के रंगों से सराबोर रही।

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