October 5, 2021 | by Deepak Pushpdeep

हरियाणा कला परिषद के सहयोग से चल रही एक माह की नाट्य कार्यशाला में प्रतिभाग कर रहे तकरीबन 25 प्रतिभागियों का उत्साह चरम पर है। रंगमंच और नाटक से जुड़े बुनियादी गुर सीखने की ललक उनमें देखते ही बनती है। आलम यह है कि इस कार्यशाला में जहाँ 10 वर्ष के बच्चे शामिल हैं तो वहीं 45 वर्ष के लोग भी शामिल हैं। सभी अपने अभिनय कौशल को निखारने के लिए पूरे जोश के साथ कार्यशाला में शामिल हो रहे हैं।
शहर के बैठानिया सेंटर में जारी इस नाट्य कार्यशाला में निदेशक और मुख्य प्रशिक्षक की भूमिका डाॅ0 अंकुश शर्मा और सह निदेशक की भूमिका सुरेश कुमार ने निभा रहे हैं। यह कार्यशाला हर रोज़ शाम 4 से 6 बजे तक आयोजित की जाती है, जिसमें प्रतिभागी रंगमंच के विभिन्न पहलुओं से अवगत हो रहे हैं। रंगमंच के विभिन्न पहलुओं से अवगत होते हुए प्रतिभागी हरियाणा दिवस के अवसर पर एक नाटक का भी मंचन करेंगे।
आज कार्यशाला में प्रतिभाग कर रहे कलाकारों ने संगीत के बुनियादी सुरों को समझने की कोशिश की। सुरेश कुमार ने उन्हें अलग-अलग सप्तकों की जानकारी दी और सभी ने एक-एक करके उनके उपयोग के बारे में जाना। प्रतिभागियों ने सीखा कि रंगमंच पर निभाए जाने वाले चरित्र के संवादों में अलग-अलग आवाज़ों के लिए किस तरह हम सांस को नियंत्रित कर सकते हैं और किस तरह से नाटक में अलग-अलग पात्रों का किरदार निभाने के लिए अलग-अलग सुरों की आवश्यकता होती है।
इस कार्यशाला में प्रतिभाग कर रहे प्रतिभागी कार्यशाला के आने वाले दिनों में अभिनय तकनीक, आवाज़ एवं उच्चारण, शारीरिक गतिविधियाँ, इम्प्रोवाइज़ेशन, स्टेज क्राफ्ट, मैकअप, रंगमंचीय खेल एवं गतिविधियाँ, रंगमंच में संगीत का महत्व, प्रकाश एवं ध्वनि का महत्व, शिक्षा में रंगमंच आदि पहलुओं पर प्रकाश डालने के साथ ही एक नाटक का भी निर्माण करेंगे। इस कार्यशाला में हेमंत, अभिषेक, कमल, प्रियंका, अनमोल, सिद्धार्थ बत्तरा, नमन भाटिया, समायरा, लक्ष्य, जश कालरा, सन्नी आदि प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।
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