
फरीदाबाद, 3 फरवरी।
अरावली की पहाड़ियों में स्थित सूरजकुंड में आयोजित 39 वां अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला 15 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष मेले में मिस्र की थीम कंट्री के रूप में चुना गया है, जिसकी समृद्ध संस्कृति और अनूठी कलाकृति पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
अंतरराष्ट्रीय पवेलियन में मिस्र की झलक
मेला परिसर के अंतरराष्ट्रीय पवेलियन में मिस्र की कला को प्रदर्शित करने के लिए विशेष स्टॉल्स लगाए गए हैं। जिनके माध्यम से मेले में आए पर्यटकों को थीम कंट्री की संस्कृति की झलक दिखाई दे रही है। इसी क्रम में स्टॉल नंबर 3 पर शिल्पकार सनर हासनीन द्वारा प्रदर्शित उत्पाद पर्यटकों को काफी पसंद आ रहेहैं। उनके स्टॉल पर हैंडमेड फैब्रिक से बने कपड़े, खजूर के पेड़ के रेशों से बनी पारंपरिक टोकरियाँ, ऊन से तैयार पारंपरिक मिस्र के कालीन और दीवार सज्जा की वस्तुएं उपलब्ध है,जो मेले में आए पर्यटकों को खूब लुभा रहे है। पर्यटक इन उत्पादों की जमकर खरीदारी भी कर रहे है।
मिस्र के शिल्पकारों ने मेले में उपलब्ध कराई गई विश्वस्तरीय सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था के प्रति संतोष व्यक्त किया है। शिल्पकार सनम हासनीन ने भारत सरकार और हरियाणा सरकार का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि इस मंच के माध्यम से उन्हें अपनी संस्कृति को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर मिला है।



