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सूरजकुंड मेले में ‘मिलेट्स फूड’ स्टॉल बन रही पर्यटकों की पहली पसंद

मिलेट्स को लोगों की थाली तक पहुंचा रही रेवाड़ी के गांव डवाना की अनिता मिशन के सहारे मिलेटस में पीएम नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत में सहभागी बन रही अनिता

सूरजकुंड (फरीदाबाद), 3 फरवरी।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशभर में मोटे अनाज (श्रीअन्न) को बढ़ावा देने और हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की पहल को ज़मीनी स्तर पर साकार करने का कार्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से किया जा रहा है। इसी कड़ी में रेवाड़ी जिले के गांव डवाना की अनिता देवी मोटे अनाज से बने उत्पादों को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
रेवाड़ी के गांव डवाना निवासी अनिता देवी द्वारा तैयार किए गए मिलेट्स उत्पाद इन दिनों फरीदाबाद में आयोजित 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में पर्यटकों की पहली पसंद बने हुए हैं। ‘लोकल फॉर ग्लोबल–आत्मनिर्भर भारत की पहचान’ थीम के तहत आयोजित इस मेले के फूड कोर्ट में डवाना एग्रो किसान उत्पादक संगठन के सौजन्य से अनिता देवी ने ‘मिलेट्स फूड’ के नाम से स्टॉल लगाई हुई है।
जंक फूड से बढ़ती बीमारियों के खिलाफ मिलेट्स एक बेहतर विकल्प
अनिता देवी बताती हैं कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और अस्वस्थ जीवनशैली के कारण लोग तेजी से जंक फूड की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिसका सीधा असर सेहत पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, अच्छी सेहत में 70 से 80 प्रतिशत भूमिका खानपान की होती है। इसी सोच के साथ उन्होंने मोटे अनाज को फिर से लोगों की थाली तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
उनकी स्टॉल पर बाजरा लड्डू, रागी लड्डू, बाजरा नमकीन, बाजरा मठरी, बाजरा खिचड़ी, बाजरा आटा, बाजरा बिस्कुट, स्पेशल मिलेट्स थाली, मोरिंगा पराठा, बाजरा पिज्जा, मिलेट्स पकौड़े, गुड़ चाय, मोरिंगा चाय, लस्सी सहित कई स्वादिष्ट और पौष्टिक उत्पाद उपलब्ध हैं, जिन्हें पर्यटक खूब पसंद कर रहे हैं।

रोटी तक सीमित नहीं रहे मिलेट्स, बने हर वर्ग की पसंद
अनिता देवी का कहना है कि अब मिलेट्स केवल रोटी या पारंपरिक भोजन तक सीमित नहीं रहे हैं, बल्कि इन्हें नाश्ते, स्नैक्स और मिठाइयों में भी सफलतापूर्वक शामिल किया गया है। ज्वार रोटी, ज्वार खिचड़ी, ज्वार हलवा जैसे पारंपरिक व्यंजनों के साथ-साथ बाजरा पिज्जा, मिलेट्स पकौड़े, नमकीन और बिस्कुट भी लोगों को खूब भा रहे हैं। उन्होंने मेले में आने वाले पर्यटकों से आह्वान किया कि वे मोटे अनाज को अपनी दैनिक डाइट का हिस्सा बनाएं। उन्होंने बताया कि बाजरा कैल्शियम से भरपूर होता है, ज्वार में पोटैशियम और फास्फोरस पाया जाता है, कंगनी में फाइबर होता है जबकि कोदो आयरन से भरपूर होता है।
युवाओं से अपील: जंक फूड छोड़ अपनाएं मिलेट्स
केंद्र और राज्य सरकार श्रीअन्न यानी मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मोटे अनाजों के सेवन से मोटापा, हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से लड़ने में मदद मिलती है। अनिता देवी ने कहा कि युवाओं को जंक फूड छोड़कर पौष्टिक भोजन और स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।

सुपरफूड और क्लाइमेट स्मार्ट अनाज हैं मिलेट्स
उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष के रूप में मनाया गया था। मिलेट्स कम पानी, कम उर्वरक और कम उपजाऊ भूमि में भी उगाए जा सकते हैं। ये उच्च तापमान में भी अच्छी फसल देते हैं, इसलिए इन्हें क्लाइमेट स्मार्ट अनाज कहा जाता है। मिलेट्स में प्रोटीन, फाइबर, बी-विटामिन, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यही कारण है कि इन्हें सुपरफूड और स्मार्टफूड कहा जाता है। ये ब्लड ग्लूकोज लेवल को नियंत्रित रखने में भी सहायक होते हैं।

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