सूरजकुंड मेले में स्वच्छता और साफ-सफाई पर दिया जा रहा है विशेष जोर
मेले में स्वच्छ और सुरक्षित माहौल बढ़ा रहा आकर्षण

फरीदाबाद, 4 फरवरी।
फरीदाबाद में आयोजित किए जा रहे 39वें सूरजकुंड इंटरनेशनल आत्मनिर्भर क्राफ्ट फेस्टिवल में शिल्प, संस्कृति और कला के साथ-साथ स्वच्छता और साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मेला परिसर को साफ, सुव्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल बनाए रखने के लिए उपायुक्त आयुष सिन्हा के निर्देशानुसार जिला प्रशासन और हरियाणा पर्यटन विभाग द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
सूरजकुंड मेले के हर प्रवेश द्वार, मुख्य मार्गों और स्टालों के आसपास नियमित रूप से साफ-सफाई कराई जा रही है। इसके लिए सफाई कर्मचारियों की विशेष टीम तैनात की गई है, जो पूरे दिन परिसर की निगरानी कर रही है। जगह-जगह डस्टबिन और कचरा संग्रहण केंद्र लगाए गए हैं, ताकि आगंतुक कचरा इधर-उधर न फैलाएं और मेले में स्वच्छता बनी रहे। मेले अथॉरिटी द्वारा कारीगरों और दुकानदारों को पर्यावरण-अनुकूल सामग्री के इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया गया है। साथ ही, लोगों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत जागरूक करने के लिए पोस्टर और संदेश भी लगाए गए हैं।
शौचालयों की साफ-सफाई और नियमित सैनिटाइजेशन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पीने के पानी की व्यवस्था के आसपास भी स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। मेले में आने वाले पर्यटक इस व्यवस्था की सराहना कर रहे हैं। उनका कहना है कि साफ-सुथरा वातावरण मेले के अनुभव को और भी बेहतर बनाता है। परिवार के साथ आने वाले दर्शकों के लिए यह व्यवस्था खास तौर पर राहत देने वाली है।
मेला अथॉरिटी का कहना है कि सूरजकुंड मेला केवल कला और संस्कृति का उत्सव नहीं है, बल्कि स्वच्छता, अनुशासन और पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देता है। जिला प्रशासन और आम जनता के सहयोग से मेला परिसर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।







