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पेपर क्राफ्ट में छात्रा काव्या और जय रहे अव्वल – 39वां अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर क्राफ्ट मेला -2026

सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प उत्सव में स्कूली विद्यार्थी भी दिखा रहे प्रतिभा का जलवा - शिल्प उत्सव में प्रतिदिन आयोजित हो रही विभिन्न प्रतियोगिताएं

सूरजकुंड(फरीदाबाद), 4 फरवरी।
सूरजकुंड की वादियों में आयोजित किए जा रहे 39वें अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प उत्सव 2026 में एक ओर जहां कलाकार अपनी कला का हुनर दिखा रहे हैं वहीं दूसरी ओर शिल्पकार भी अपने हाथों से बनाए गए विभिन्न उत्पादों से पर्यटकों की प्रशंसा का पात्र बने हुए हैं। इस भव्य उत्सव के माध्यम से स्कूली विद्यार्थियों को भी अपनी प्रतिभा को दिखाने का सशक्त मंच मिला है। इसी के चलते हरियाणा पर्यटन निगम द्वारा शिक्षा विभाग की संयुक्त भागीदारी के साथ हर रोज अलग-अलग स्कूलों के विद्यार्थियों की विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित करवाते हुए विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर शिल्प उत्सव की गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।
सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प उत्सव के दौरान मंगलवार को मेला परिसर में स्थित नाट्यशाला में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की सीनियर और जूनियर वर्ग की पेपर क्राफ्ट और जुगाड स्पर्धा आयोजित की गई। विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी कला और प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिताओ में इन स्कूलों के विजेता रहे विद्यार्थी
पेपर क्राफ्ट प्रतियोगिता (सीनियर वर्ग)

मंगलवार को आयोजित सीनियर वर्ग की पेपर क्राफ्ट प्रतियोगिता में मुरारी लाल ग्लोबल स्कूल की छात्रा काव्या ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। द्वितीय स्थान सेंट जान स्कूल के  जय को मिला, जबकि तृतीय स्थान तक्षिला स्कूल की वैश्वनी ने हासिल किया।

पेपर क्राफ्ट प्रतियोगिता (जूनियर वर्ग)
वहीं जूनियर वर्ग में सेंट जान स्कूल की कोरा ने प्रथम पुरस्कार जीता। द्वितीय स्थान सुमेर सिंह पब्लिक स्कूल की स्वाती को तथा तृतीय स्थान फैंटेक्स कान्वेंट  स्कूल की प्राची को प्रदान किया गया।

जुगाड प्रतियोगिता में यह रहे अग्रिणी
इस अवसर पर आयोजित जुगाड प्रतियोगिता में रावल बाल शिक्षा केंद्र की छात्रा दीप्ति ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। द्वितीय स्थान माडर्न बीपी पब्लिक स्कूल की सोनिया को मिला, जबकि तृतीय स्थान सेंट जान स्कूल की भूमिका ने प्राप्त किया।
काबिलेगौर है  कि सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प उत्सव  गत वर्ष 1987 से देश-विदेश की संस्कृति, सभ्यता और कला को प्रदर्शित करने का मंच रहा है। यहां देश के लगभग सभी राज्यों के साथ-साथ  कई देशों के प्रतिभागी  अपनी कला व समृद्ध विरासत का परिचय देते हैं।

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