
फरीदाबाद, 5 फरवरी।
फरीदाबाद के सूरजकुंड में चल रहे विश्व प्रसिद्ध 39वें शिल्प मेला देश-विदेश की पारंपरिक कला, संस्कृति और हस्तशिल्प को एक मंच पर प्रस्तुत करने का प्रमुख केंद्र बन चुका है। इस भव्य मेले में स्टॉल नंबर 928 पर स्वाति हैदराबादी रियल पर्ल्स और स्टोन से बनी उत्कृष्ट ज्वेलरी का प्रदर्शन एवं विक्रय कर रही हैं।
स्वाति ने बताया कि वह पिछले 16 वर्षों से लगातार सूरजकुंड मेले में भाग ले रहीं है। उनके स्टॉल पर हैदराबादी रियल पर्ल्स और ओरिजिनल स्टोन से तैयार की गई विभिन्न प्रकार की पारंपरिक और आधुनिक ज्वेलरी उपलब्ध है। इनमें माला, ईयररिंग, ब्रेसलेट, नेकलेस, कंगन, चूडय़िां और विशेष डिज़ाइन के गहने शामिल हैं, जो न केवल सुंदरता में बेजोड़ हैं बल्कि टिकाऊ और उच्च गुणवत्ता के भी हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास हर आयु वर्ग और हर बजट के ग्राहकों को अपनी पसंद के अनुसार विकल्प मिल रहा है। कम कीमत में सुंदर फैशन ज्वेलरी से लेकर उच्च मूल्य की प्रीमियम हैदराबादी पर्लस ज्वेलरी तक, हर प्रकार के खरीदारों के लिए आकर्षक कलेक्शन मौजूद है।
सूरजकुंड की बेहतर व्यवस्था प्रबंधन के लिए हरियाणा सरकार का धन्यवाद
स्वाति ने हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, पर्यटन एवं विरासत मंत्री डा. अरविंद कुमार शर्मा का आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह सूरजकुंड मेला कारीगरों और शिल्पकारों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां उन्हें अपनी कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। यह मेला न केवल शिल्प को बढ़ावा देता है, बल्कि पारंपरिक कला को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभा रहा है। स्वाति ने कहा कि सूरजकुंड मेला उनके लिए केवल व्यापार का माध्यम नहीं, बल्कि अपनी पारंपरिक कला और संस्कृति को लोगों तक पहुंचाने का एक सशक्त जरिया है। सूरजकुंड मेले के कुशल प्रबंधन के लिए वे हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और प्रदेश के पर्यटन एवं विरासत मंत्री डा. अरविंद कुमार शर्मा का धन्यवाद करते है।






