अंतरराष्ट्रीय पवेलियन में मिस्र की शीशल कला का अद्भुत प्रदर्शन
शीशल से बने उत्पादों ने मोहा पर्यटकों का मन

फरीदाबाद, 5फरवरी।
अरावली की सुंदर वादियों में आयोजित 39वें अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेले में इस वर्ष पार्टनर नेशन के रूप में मिस्र अपनी अद्भुत कलाकृतियों के साथ मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जहां मेला परिसर में पार्टनर नेशन मिस्त्र अपनी संस्कृति को प्रदर्शित करते हुए पर्यटकों पर अमिट छाप छोड़ रहा है। वहीं अंतरराष्ट्रीय पवेलियन में मिस्र के शिल्पकारों द्वारा प्रदर्शित हस्तशिल्प न केवल विदेशी संस्कृति की झलक दिखा रहे हैं, जो भारतीय पर्यटकों के बीच भी बेहद लोकप्रिय हो रहे हैं।
मिस्र के स्टॉल पर शीशल से बने उत्पाद सबसे अधिक चर्चा बटोर रहे हैं। यहां विशेष रूप से तैयार किए गए ज्वेलरी बॉक्स पर्यटकों की पहली पसंद बने हुए हैं। इसके अतिरिक्त, शीशल से निर्मित बर्नर जो घर में खुशबू फैलाने के काम आते है, फूड टोकरी, तथा हाथ और गले के लिए आकर्षक ब्रेसलेट्स और नेकलेस उपलब्ध है। इसके साथ ही स्टॉल पर सिरेमिक से बने सुंदर टी-सेट और बाउल भी सजाए गए हैं, जो अपनी महीन कारीगरी के लिए सराहे जा रहे हैं।
पुश्तैनी हुनर और सरकारी सहयोग मिस्र से आए प्रमुख
मिस्र के शिल्पकार गोहारी ने बताया कि वे अपने इस पुश्तैनी काम को कई पीढिय़ों से संजोए हुए हैं। उन्होंने बताया कि वे मिस्र के मिनिस्ट्री ऑफ सोशल सॉलिडेरिटी और भारत सरकार के विशेष सहयोग से इस मेले में अपनी स्टॉल लगा पाए हैं। उन्होंने मेले की शानदार व्यवस्थाओं और आतिथ्य सत्कार के लिए भारत सरकार और हरियाणा सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि सूरजकुंड का यह मंच विश्व भर के शिल्पकारों को एक साथ अपनी कला की प्रतिभा दिखाने का बेहतरीन जरिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कला का आदान-प्रदान होता है।




