फरीदाबाद, 05 फरवरी।
फरीदाबाद की वादियों में 15 फरवरी तक चलने वाले सूरजकुंड मेले में रोजाना हजारों पर्यटक पहुंच रहे हैं। लोकल टू ग्लोबल-आत्मनिर्भर भारत की पहचान थीम के साथ आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर क्राफ्ट मेले में स्वदेशी, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
सूरजकुंड मेले में हरियाणा के साथ अन्य प्रदेशों के कलाकार भी अपनी लोक शैली से पर्यटकों का मनोरंजन कर रहे हैं। मेले में लोक कलाकारों द्वारा पारंपरिक वेशभूषा में परंपरागत वाद्य यंत्र बजाकर दर्शकों का स्वागत किया जा रहा है। इन कलाकारों के वाद्य यंत्रों की ध्वनि इतनी सुरीली है कि पर्यटक खुद को थिरकने से नहीं रोक पा रहे हैं। मेले में डेरु, बैगपाइपर व ढोल की थाप पर युवक युवतियां ही नहीं, बल्कि विदेशी पर्यटक भी जमकर झूमते नजर आ रहे है।
अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर क्राफ्ट मेले को लेकर युवा पीढ़ी में जोश है। मेला परिसर में जगह-जगह पारंपरिक वेशभूषा से सुसज्जित ऐसी सांस्कृतिक टोलियां लोगों का खूब मनोरंजन कर रही हैं। मेला परिसर में स्वदेशी उत्पादों की सुगंध, लोक संगीत की गूंज और प्राचीन संस्कृति की झलक आगंतुकों को आकर्षित कर रही है, वहीं इस मेले में हरियाणा की लोक संस्कृति से बीन, नगाड़ा पार्टी कलाकार पर्यटकों का जोरदार स्वागत कर रहे है। बीन व नगाड़ा पार्टी की प्रस्तुति से युवाओं के पांव रुक नहीं पाते और वो नाचने लगते हैं। कुछ युवा तो बड़े ही मोहक अंदाज में डांस करने लगते हैं। यह पार्टियां मोरबीन, चिमटा, सेट्रम, ढोल, डूबी जैसे वाद्य यंत्रों की सुरीली धुनें बिखेर कर लोगों का मनोरंजन कर रही हैं। यहां रोज़ाना हजारों की संख्या में आ रहे पर्यटक जुगलबंदी के साथ मस्ती में नाचते हैं। पार्टी के सदस्य नगाड़ा, बीन कच्ची घोड़ी की तान, झांज एवं ढप बजाकर पर्यटकों का मनोरंजन कर रहे हैं साथ ही इनके से साथ सेल्फी भी ले हरे है।