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अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला में उद्घोषिका रुचि गुप्ता कर रही है पर्यटकों का मार्गदर्शन

मेले से जुड़ी हर गतिविधि की अनाउंसमेंट करके दे रही जानकारी

सूरजकुंड (फरीदाबाद)।
39 वां अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेला दर्शकों के लिए इन दिनों विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जिसमें लाखों की संख्या में नित देश विदेश के पर्यटक मेले का लुत्फ उठाने अपने परिवार व सगे संबंधियों के साथ आ रहे हैं। मेले में विभिन्न राज्यों से आए हस्तशिल्पियों, कलाकारों और रंगारंग कार्यक्रमों की भूमिका अलग-अलग रूपों में मेले को नया स्वरूप प्रदान कर रही है। इसी क्रम में मेले के दर्शन और मेला दर्शकों के मार्गदर्शन में रूचि गुप्ता की आवाज कृपया ध्यान दीजिए…जैसे शब्दों के साथ हर पल सुनने को मिल रही है।


कहते हैं मेला हो या मार्ग यदि मार्गदर्शक ठीक हो तो यात्रा का आनंद ही कुछ और होता है तथा इस मेले की यात्रा को सुगम बनाने के लिए जहां एक ओर रुचि गुप्ता उद्घोषिका (अनाउंसर) की आवाज मेला दर्शकों को मेले के दर्शन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी के रूप में सुनने को मिल रही है। वहीं दूसरी ओर खोया-पाया संबंधी जानकारी के रूप में भी मार्गदर्शक बनकर वह मेला दर्शकों के बीच अपनी भूमिका का विशेष रूप से निर्वाह कर रही है। बात चाहे कीमती सामान-वस्तुओं के खोने-पाने की सूचना की हो या फिर सगे संबंधियों से संबंधित मेले के दौरान उनसे जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी की हो, इस प्रकार की जानकारी व सूचना की सुविधा के आदान-प्रदान से रुचि गुप्ता मेला दर्शकों के बीच महत्वपूर्ण आवाज बनकर आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। विदेशी स्टॉल (सार्क कंट्री) के साथ लगती पुलिस कंट्रोल रूम, सीसीटीवी और डिस्पेंसरी के पास (अनाउंसमेंट बूथ लॉस्ट एंड फाउंड) में बैठकर रुचि गुप्ता माइक के माध्यम से जब अनाउंस करती हैं, कृपया ध्यान दीजिए… मेले में आए हुए दर्शक अपने सामान का स्वयं ध्यान रखें जैसे शब्दों के उच्चारण से मेला देखने आए हुए पर्यटकों को सजग करती रहती हैं, जिससे पर्यटक अपने परिवारजनों व कीमती सामानों के प्रति सजगता बरतते हैं। रुचि गुप्ता का कहना है कि वे अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेला में अपनी सेवाएं काफी वर्षों से दे रहीं हैं और जब भी वे उद्घोषिका (अनाउंसर) के दायित्व का निर्वाह कर रही होती हैं तो अपने व्यक्तित्व में पहले से अधिक दायित्व का बोध महसूस करती हैं।
इस दायित्व में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरा, असामाजिक तत्वों से सावधान, बच्चों, मोबाइल, बैग के लिए सावधान, लावारिस वस्तुओं के प्रति, मेले में फूड कोर्ट, डस्टबिन, गेट, मेला ऑफिस, लोकेशन, डिस्पेंसरी, एटीएम, हरियाणा रोडवेज, बीएसएनएल, बैंक, पुलिस कंट्रोल रूम जैसी सूचनाओं के अतिरिक्त मेले में रोज क्या और कहां क्या हो रहा है, मेले की विशेषता क्या है, क्राफ्ट पर्सनस के लिए ऑफिशियल मैसेज क्या है, लॉस एंड फाउंड थिंग्स अनाउंसमेंट, मैनटैनिंग डेली रजिस्टर फॉर द लॉस एंड फाउंड थिंग्स, डेली प्रोग्राम जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेवारी का निर्वाह बखूबी करते हुए वह एक ही बात कहती हैं। मेले का दर्शन और मेले का मार्गदर्शन दोनों पहलू अपनी-अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं। इसलिए मेले के दर्शन के दौरान मेला दर्शक व संबंधित वर्ग उपरोक्त मार्गदर्शन का भी विशेष ध्यान रखते हुए मेले का आनंद लें।

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