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सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले में महिलाओं को लुभा रही उत्तर प्रदेश की हस्तनिर्मित रेडीमेड ड्रेस

सूरजकुंड (फरीदाबाद), 11 फरवरी।
39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला इस वर्ष भी देश-विदेश से आए पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। मेले में विभिन्न राज्यों की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और परिधानों की शानदार झलक देखने को मिल रही है। वर्ष 2026 के मेले में थीम स्टेट उत्तर प्रदेश के स्टॉल विशेष रूप से चर्चा में हैं, जहां पारंपरिक शिल्प और आधुनिक फैशन का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
इसी कड़ी में गेट नंबर एक के पास स्टॉल नंबर-421 पर उत्तर प्रदेश से आए स्टॉल संचालक निखिल द्वारा लगाए गए रेडीमेड सूट, कुर्ती और पेंट महिलाओं और युवतियों के बीच खासा लोकप्रिय हो रहे हैं। निखिल ने बताया कि उनके स्टॉल पर उपलब्ध सभी परिधान 100 प्रतिशत शुद्ध कॉटन से बने हुए हैं और हाथ से पेंट किए गए हैं, जिससे हर ड्रेस अपनी तरह की एक अनूठी पहचान रखती है।
उन्होंने बताया कि उनके यहां मिलने वाले परिधान गर्मियों के अनुकूल, हल्के, मुलायम और पहनने में बेहद आरामदायक हैं। साथ ही इन पर हाथ से किए गए पेंटेड डिजाइन, फूल-पत्तियों के पारंपरिक पैटर्न और आधुनिक रंग संयोजन ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। यही कारण है कि मेले में आने वाली महिलाएं और युवतियां को यह परिधान लुभा रहे हैं।
स्टॉल संचालक निखिल ने जानकारी दी कि उनके पास उपलब्ध रेडीमेड सूट, कुर्ती और पेंट की कीमत 450 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक रखी गई है, ताकि हर वर्ग की महिलाएं अपनी पसंद और बजट के अनुसार खरीदारी कर सकें। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पास हर आयु वर्ग और हर साइज के परिधान उपलब्ध हैं, जिससे ग्राहकों को अधिक विकल्प मिल रहे हैं।
निखिल ने यह भी बताया कि उनके इस कार्य में 15 से 20 कारीगर और कर्मचारी प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं, जो कपड़ों की डिजाइनिंग, पेंटिंग, सिलाई और फिनिशिंग का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्य न केवल उनके परिवार के लिए आजीविका का साधन है, बल्कि स्थानीय कारीगरों के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का माध्यम भी बन रहा है।


मेले में पहुंच रहे पर्यटकों और खरीदारों का कहना है कि यहां उपलब्ध परिधानों में उत्कृष्ट कपड़ा, बेहतरीन सिलाई, आकर्षक रंग संयोजन और किफायती कीमत का बेहतरीन तालमेल देखने को मिलता है। कई खरीदारों ने बताया कि वे इन रेडीमेड सूट और कुर्ती को दैनिक पहनावे के साथ-साथ त्योहारों तथा विशेष अवसरों के लिए भी खरीद रहे हैं।
सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला भारतीय संस्कृति, परंपरा और हस्तकला को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्य की भागीदारी इस मेले को और अधिक समृद्ध और रंगीन बना रही है। यहां प्रस्तुत हस्तनिर्मित परिधान न केवल राज्य की सांस्कृतिक पहचान को दर्शा रहे हैं, बल्कि भारतीय कारीगरों की मेहनत, कला और रचनात्मकता का भी शानदार उदाहरण हैं।
स्टॉल नंबर-421 वर्तमान में मेले के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो चुका है, जहां दिनभर ग्राहकों की भीड़ देखी जा सकती है। निखिल ने बताया कि मेले के माध्यम से उन्हें अपने उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का सुनहरा अवसर मिल रहा है और इससे उनके व्यवसाय को नई दिशा और पहचान मिल रही है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में वह अपने हस्तनिर्मित परिधानों की रेंज को और अधिक बढ़ाएंगे और भारतीय पारंपरिक फैशन को वैश्विक मंच पर नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास करेंगे।

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