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सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्र द्वारा नववर्ष के आगमन में नई आशाएं नामक कार्यक्रम आयोजित किया.

       

सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्र द्वारा नववर्ष के आगमन में नई आशाएं नामक कार्यक्रम आयोजित किया.

भूपानी फरीदाबाद स्थित सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्र द्वारा नव वर्ष के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया । जिसमें डॉक्टर जुगनू खट्टर भाटिया मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित रहे। प्रधानाचार्य दीपेंद्र कांत ने पुष्पगुच्छ देकर मुख्य अतिथि का स्वागत किया। तत्पश्चात सभी विद्यार्थियों ने मिलकर कार्यक्रम के आरंभ में साडा है सज्जन राम-राम है कुल जहान अर्थात ईश्वर हमारा मित्र प्रियतम सर्व व्यापक है उसी को जानो मानो वह वैसे ही गुण अपनाओ महा मंत्र का उच्चारण करने के पश्चात कार्यक्रम को प्रारंभ किया गया।

इस अवसर पर सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्र के विद्यार्थियों द्वारा एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी गई जिसके प्रारंभ में मन्नत और मेहक ने सरस्वती वंदना गाकर कार्यक्रम आरंभिक किया।

 

कार्यक्रम के मध्य में कई अन्य विद्यार्थी जिनमें विकास, खुशबू, कोमल, तुलसी, सत्यम आदि ने अपनी – अपनी मनमोहक प्रस्तुतियां दी। खुशबू ने बहुत ही सुंदर गीत सलोना सा सजन है गाकर सब का मन मोह लिया था कि आजकल बच्चे पुराने गीतों में रुचि नहीं रखते हो और यह गीत बहुत ही कठिन हे गाने के साथ से फिर भी इस विद्यार्थी में इस गीत को चुना।
मुख्य अतिथि डॉ जुगनू कटर भाटिया मैं सभी को यह संदेश दिया कि आप जो भी विद्या सीख रहे हैं वो किसी क्षेत्र से जुड़ी हुई हो उस विद्या में रत रहें, अभ्यास रत रहें तो आप जो चाहते हैं वह प्राप्त कर सकते हो। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य दीपेंद्र कांत ने अपने वक्तव्य में सभी बच्चों को संदेश देते हुए कहा कि यदि आप गायन वादन नृत्य तीनों में से कोई भी विधा सीख रहे हैं तो उसमें पारंगत बनने के लिए आपको नियमित रूप से अभ्यास करना पड़ेगा । उसके पश्चात आप एक कुशल गायक, वादक बन सकते हैं। इसके लिए प्रातःकाल नियमित अभ्यास करें। किसी गुरु से शिक्षा अवश्य लें।
इसके साथ यह भी बताया कि संगीत आजकल केवल एंटरटेनमेंट के लिए नहीं रहा बल्कि इसमें यदि आप सर्टिफिकेट कर लेते हैं तो इसके आधार पर कहीं भी म्यूजिक टीचर या अन्य स्थानों पर भी आपको जॉब मिल सकती है । विद्यार्थियों को यह सारी जानकारी देते हुए सभी क्षेत्रवासियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों को इस जाते हुए वर्ष एवं आनेवाले नव वर्ष की शुभकामनाएं एवं मानवता का संदेश देते हुए कहा कि हम सभी मानव हैं और सतयुग दर्शन ट्रस्ट जो कि मानव हित में कार्यरत है

अतः हम सबको नेक इंसान बनना है, अच्छा मानव बनना है। इस आने वाले वर्ष में हमें इंसानियत में रहते हुए सुकर्म करने हैं यह संदेश भी बच्चों को दिया क्योंकि बच्चे शिक्षा के साथ-साथ जीवन में अच्छे इंसान बन सकें यही सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्र संगीत की शिक्षा के साथ-साथ इन बच्चों में संस्कार भी डाल रहा है।
मंच संचालन का कार्यभार रुपाली वैश् एवं पंडित केशव शुक्ला जी ने किया

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