सतयुग दर्शन विद्यालय में आयोजित किया गया व्यावसायिक मार्गदर्शन विवेचन गोष्ठी का आयोजन।
आज दिनांक 12-2-2022 को सतयुग दर्शन विद्यालय की ओर से सतयुग दर्शन वसुंधरा के सभागार में छात्रों को भविष्य में अपने करियर की दिशा और दशा निर्धारण तत्वावधान में बहुत बड़े स्तर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में सतयुग दर्शन ट्रस्ट के सभी शैक्षणिक संस्थानों [सतयुग दर्शन स्कूल, सतयुग दर्शन कॉलेज ऑफ एजुकेशन, सतयुग दर्शन कला केंद्र, सतयुग दर्शन टेक्निकल कैम्पस] के सभी प्रमुख अधिकारीगण एवं वरिष्ठ शिक्षाविद , सतयुग दर्शन विद्यालय के छात्र एवं सभी विभागों के विभागाध्यक्ष आदि सभी उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री नीरज मोहन पुरी, गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में सतयुग दर्शन कला केंद्र के प्रिंसिपल श्री दीपेन्द्र कांत जी, विशेष अतिथि के रूप में सतयुग दर्शन टैक्निकल कैम्पस की प्रिंसिपल डॉ० सुमिता त्रेहान उपस्थित थे। इनके अतिरिक्त अनेक नामचीन शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षाविद व अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम में अनेक यूनिवर्सिटी, कॉलेज व इंस्टीट्यूट जैसे: [Satyug Darshn Institute of Engineering&Technology, SRM University, OP Jindal global university, Lovely university, Lingya’s university, NIIIT university, KR manglam university, UPES university, LPU NET] आदि के प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी यूनिवर्सिटी, कॉलेज व इंस्टीट्यूट की तरफ से छात्रों को बारहवीं कक्षा के बाद करियर का चुनाव करने, अपने सपनों को उड़ान देने व अपनी बौद्धिक क्षमता,योग्यता व रुचि के अनुसार भविष्य निर्धारण करने के अनेक क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार के कौशलों की महत्वपूर्ण व ज्ञानवर्धक जानकारी प्रदान की।
सभागार में उपस्थित सभी शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुखों, छात्रों, शिक्षाविदों, विचारकों व विद्वज्जनों का स्वागत सतयुग दर्शन विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री नीरज मोहन पुरी जी ने सतयुग दर्शन ट्रस्ट की ओर से अपने सम्भाषण द्वारा किया। उन्होंने अपने संबोधन में सभी को सम्बोधित करते हुए कहा कि जीवन में आसमान की ऊंचाईयों को छूने का जनून होना चाहिए, बीच में आने वाली सभी रुकावटें, बाधाएं,अड़चनें रास्ता छोड़कर स्वतः एक किनारे लग जाती हैं। बुलंद हौसलों के सामने पर्वत भी शीश झुक देते हैं। आने वाला समय छात्रों के लिए अपार एवं असीमित समभावनाओं से भरपूर है। ज़रूरत अगर है तो वह है केवल अपने हूनर को पहचानकर उसे साकार करने की, उसे क्रियान्वित करने की व उसे अंजाम तक पहुंचाने की। प्रधानाचार्य श्री नीरज मोहन पुरी जी ने छात्रों को अपनी सम्पूर्ण ऊर्जा को सकारात्मक सोच के सही दिशा में सही लक्ष्य निर्धारण हेतु व सुखद भविष्य बनाने की प्रेरणा देते हुए छात्रों के सुखद भविष्य की मंगलकामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम के अंत में सतयुग दर्शन विद्यालय के [प्रिंसिपल श्री नीरज मोहन पुरी जी व सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्र के प्रिंसिपल श्री दीपेंद्र कांत जी] दोनों ने सभी शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों को मान पत्र भेंट करके उनका स्वागत किया व सतयुग दर्शन वसुंधरा के प्रांगण में आने पर उनका आभार प्रकट किया।
वास्तव में ही यह कार्यक्रम छात्रों के जीवन को सही दिशा दिखाने वाला एक प्रेरणादायक व स्मरणीय कार्यक्रम था।