लीखी गांव में चल रहीं सत्य सनातन साप्ताहिक वेद कथा का अंतिम दिन इस अवसर पर भव्य यज्ञ हुआ जिसमें दिनेश यादव ,दीनदयाल, देवेंद्र महलावत, आशीष रेवाड़ी से, धर्म आर्य, पृथ्वी सिंह यादव, ये सभी पत्नी सहित यजमान बने यज्ञ की भूमिका आचार्य देशराज सत्येछू जी ने निभाई। उसके पश्चात स्वामी आत्मानंद जी, रामबीर प्रभाकर, गंगाराम आर्य,महाशय चतर सिंह, कवि रुपचंद, शिवचरन आर्य के भजन वे उपदेश हुए। उसके बाद वैदिक कथा प्रारंभ हुई। जिसमें आचार्य देशराज जी ने बताया मनुष्य संसार में अपने के सुंदर दिखाना पसंद करता है उसके लिए सुंदर वस्त्र आभूषण के साधन अपनाता है लेकिन वेदमाता ने समझाया जीवन को सुंदर बनाने के लिए सूर्य चंद्रमा की तरह जीना चाहिए सबके दिल में विश्वास पैदा करें उसके लिए मनसा वाचा कर्मणा एक हो और सबके गुण अपनी हमेशा गलतियों देखा करें सुख-दुख आदि आने पर सम अवस्था को प्राप्त करें संसार में जो हमें मिलता है सब ऋण ह तो हमें दान करना चाहिए। इस अवसर पर जिला पार्षद राजेश महलावत, सरपंच ली खी सतीष महलावात घाघौली गांव के सरपंच पृथ्वी सिंह यादव , राजेंद्र यादव योगाचार्य गुर्मेश जी, धतीर गांव के पूर्व सरपंच राधेलाल आर्य,सुरेंद्र यादव फौजी, ओमप्रकाश सिहा गांव से,विजय आर्य खिरबी से, कवि रुपचंद , थंथरी गांव के सरपंच, मुस्तफाबाद के सरपंच, ,रोशन लाल आर्य, एवं समस्त लीखी ग्राम वासी मौजूद थे ।
