सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय मेले में हस्तनिर्मित कॉटन बेडशीट और पिलो कवर बने पर्यटकों की पहली पसंद

सूरजकुंड (फरीदाबाद), 11 फरवरी।
39 वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले में देशभर से आए शिल्पकार अपनी पारंपरिक और आधुनिक हस्तकला का शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। मेले में हर दिन हजारों की संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंच रहे हैं और भारतीय हस्तशिल्प की विविधता को नजदीक से देखने के साथ-साथ खरीदारी का भी आनंद ले रहे हैं। इसी कड़ी में दिल्ली गेट नंबर एक के पास स्टॉल नंबर-482 पर लगाए गए हस्तनिर्मित कॉटन बेडशीट और पिलो कवर पर्यटकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
मध्य प्रदेश से आए स्टॉल के संचालक मोहम्मद ताहिर ने बताया कि उनके द्वारा प्रस्तुत सभी उत्पाद 100 प्रतिशत शुद्ध कॉटन से हाथ से तैयार किए गए हैं, जो अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता, टिकाऊपन और आकर्षक डिजाइन के कारण लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी बेडशीट और पिलो कवर पारंपरिक कारीगरी के साथ आधुनिक डिजाइन का बेहतरीन संयोजन हैं, जिससे यह हर वर्ग के ग्राहकों की जरूरत और पसंद को पूरा कर रहे हैं।
मोहम्मद ताहिर ने जानकारी दी कि उनके पास सिंगल बेड के लिए बेडशीट की कीमत 300 रुपये से लेकर 500 रुपये तक रखी गई है, जबकि डबल बेड के लिए बेडशीट 500 रुपये से 1200 रुपये की रेंज में उपलब्ध है। इसके अलावा पिलो कवर की जोड़ी मात्र 200 रुपये में उपलब्ध है, जिसे खरीदार किफायती और गुणवत्ता के लिहाज से काफी उपयुक्त मान रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेडशीट की खासियत यह है कि ये मुलायम, आरामदायक, टिकाऊ और त्वचा के अनुकूल होती हैं, जिससे गर्मी और सर्दी दोनों मौसमों में इनका उपयोग बेहद आरामदायक रहता है। साथ ही इनमें उपयोग किए गए रंग और प्रिंट लंबे समय तक टिकाऊ रहते हैं और धोने के बाद भी इनकी चमक और सुंदरता बनी रहती है।
मोहम्मद ताहिर ने यह भी बताया कि वह पिछले कई वर्षों से हस्तशिल्प के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं और उनका मुख्य उद्देश्य भारतीय हस्तकला को बढ़ावा देना, पारंपरिक कारीगरों को रोजगार उपलब्ध कराना और उनकी कला को नई पहचान दिलाना है। उन्होंने कहा कि सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला जैसे बड़े आयोजन शिल्पकारों के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने उत्पादों को प्रस्तुत करने का एक मजबूत मंच प्रदान करते हैं।
मेले में आने वाले पर्यटक न केवल खरीदारी कर रहे हैं, बल्कि उन्हें भारतीय कला, संस्कृति और परंपरा को करीब से जानने और समझने का अवसर भी मिल रहा हैं। सूरजकुंड मेला भारतीय हस्तशिल्प, लोक संस्कृति और पारंपरिक कारीगरी के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
स्टॉल नंबर-482 वर्तमान में मेले के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो गया है, जहां दिनभर ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है। यहां उपलब्ध हस्तनिर्मित कॉटन बेडशीट और पिलो कवर न केवल गुणवत्ता और कीमत के लिहाज से बेहतरीन हैं, बल्कि भारतीय कारीगरों की मेहनत और हुनर का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। मोहम्मद ताहिर का कहना है कि उनका लक्ष्य आने वाले समय में अपने उत्पादों को और अधिक लोगों तक पहुंचाना और भारतीय हस्तशिल्प को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाना है।





