अफगानिस्तान के ड्राई फ्रूट और हाथरस की हींग बनी पसंद
39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव-2026

सूरजकुंड (फरीदाबाद)।
39वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला में देश-विदेश की कला, संस्कृति और स्वाद का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मेले में आत्मनिर्भर भारत की थीम के तहत स्वदेशी उत्पादों के साथ अंतरराष्ट्रीय सहभागिता भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। विशेष रूप से अफगानिस्तान के ड्राई फ्रूट और उत्तर प्रदेश के हाथरस की प्रसिद्ध हींग पर्यटकों की पसंद बनी हुई है।
मेला परिसर में अफगानिस्तान के स्टॉल पर बादाम, पिस्ता, अखरोट, काजू, किशमिश, अंजीर और मिक्स ड्राई फ्रूट की अनेक उच्च गुणवत्ता वाली किस्में उपलब्ध हैं। प्राकृतिक ये मेवे स्वाद और पोषण से भरपूर हैं। इनकी स्टॉल संचालकों ने बताया कि शुद्धता और गुणवत्ता के चलते ये उत्पाद पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। सूखे मेवे न केवल स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि ऊर्जा, प्रोटीन और आवश्यक विटामिन से भरपूर होने के कारण स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माने जाते हैं। इसी तरह हाथरस की हींग भी सूरजकुंड मेला परिसर मेले में खास आकर्षण का केंद्र है। सब्जियों और दालों में तडक़ा लगाते समय थोड़ी सी हींग स्वाद को कई गुना बढ़ा देती है। संचालकों ने बताया कि आयुर्वेदिक गुणों से युक्त हींग पाचन तंत्र के लिए लाभकारी मानी जाती है और गैस व अपच जैसी समस्याओं में सहायक होती है। स्टॉल संचालकों ने बताया कि शुद्ध और देसी हींग की मांग लगातार बढ़ रही है।






