December 10, 2025
News MBR
भारत एक लोकतंत्र है लोग ही मालिक है अतः मालिकों को यह जानने का अधिकार है
Haryana Latest News

भारत एक लोकतंत्र है लोग ही मालिक है अतः मालिकों को यह जानने का अधिकार है

*भारत एक लोकतंत्र है लोग ही मालिक है अतः मालिकों को यह जानने का अधिकार है कि उनकी सेवा करने के लिए बनाई गई सरकार कैसे काम कर रही है प्रत्येक नागरिक टैक्स देता है अतः नागरिकों को या जानने का अधिकार है कि उनका पैसा कैसे कट किया जा रहा है*

*नफीस खान*

जब तक लोगों को शासकीय मामलों मे सहभागिता का हक नहीं होता कब तक सही मायने में लोकतंत्र नहीं हो सकता सहभागिता तब तक नि रर्थक है जब तक लोगों को किसी भी मुद्दे के हर पक्ष की जानकारी ना हो एक पक्ष
जानकारी गलत जानकारी छुपाना तोड़ मोड़ कर देना सब गैर सूचित नागरिकता को बढ़ावा देता है और लोकतंत्र तब उपवास मात्र रहे जाता है जब सूचना पाने के मध्यम या तो किसी केंद्रीय और पक्षपात प्राधिकरण के एकमात्र नियंत्रण में हो या फिर निजी व्यक्तियों या गुटों के शिकंजे में हो सुप्रीम कोर्ट केस सेक्रेटरी आफ इमोशनल एंड ब्रांड कास्टिंग गवर्नमेंट आफ इंडिया बनाम क्रिकेट एसोसिएशन आफ बंगाल एंड अदर्स में इसी प्रकार सुप्रीम कोर्ट ने 1976 में राजा नारायण बनाम उत्तर प्रदेश सरकार के मामले में रखा था 19 एक्टिव 1 जो कि भारत के प्रत्येक नागरिक को वाक स्वतंत्र और अभिव्यक्ति स्वतंत्र का अधिकार देता है का एक भाग है अतः या धारा 19 में अंतर निहित है उसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा था कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है लोग ही मालिक है अतः मालिकों को यह जानने का अधिकार है कि उनकी सेवा करने के लिए बनाई गई सरकार कैसे काम कर रही है प्रत्येक नागरिक टैक्स देता है अतः नागरिक को या जानने का अधिकार है उनका पैसा कैसे खर्चे किया जा रहा है सुप्रीम कोर्ट द्वारा सूचना के अधिकार को मौलिक अधिकारों का अंग बताते हुए इन्हीं 3 सिद्धांतों का निर्धारण किया गया था
*जब सूचना का अधिकार यदि मौलिक अधिकार है तो फिर इस अधिकार को हमें देने के लिए एक कानून अधिनियम की क्या आवश्यकता है*
यह इसलिए है यदि आप किसी सरकारी विभाग में जाएं और वहां अधिकारियों को कहे सूचना का अधिकार मेरा मौलिक अधिकार है मैं इस देश का मालिक हूं कि कृपया मुझे अपनी सभी फाइलें दिखाएं वह ऐसा नहीं करेगा वह आपको कमरे से निकाल देगा पता हमें इस प्रकार की व्यवस्था की आवश्यकता थी जिसके द्वारा हम अपने मौलिक अधिकार का प्रयोग कर सकें सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 हमें ऐसी शक्ति देता है सूचना का अधिकार हमें कोई नया अधिकार नहीं देता है या तो केवल सूचना लेने हेतु कैसे कहां और कितनी फीस सहित प्रार्थना पत्र देने की प्रक्रिया का निर्धारण करता है
*सूचना के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत कौन कौन से अधिकार उपलब्ध है*
1, सरकार से कोई भी प्रश्न पूछने और सोचना लेने
2, किसी भी सरकारी अभिलेख की प्रतिलिपिया लेने
3, किसी भी सरकारी निर्माण कार्य का मुआयना करने
4, किसी सरकारी निर्माण कार्य में प्रयुक्त हो रही सामग्री का नमूना लेने
*सूचना के अधिकार के अंतर्गत कौन-कौन आता है*
केंद्रीय सूचना का अधिकार कानून जम्मू और कश्मीर को छोड़कर shesh पूरे भारत में लागू होता है सभी संस्थाएं जो कि संविधान था किसी कानून अथवा किसी सरकारी अधिसूचना के अंतर्गत सुजीत है अथवा सभी संस्थाएं जिनमें गैर सरकारी संगठन या सरकार द्वारा पर्याप्त मात्रा में वित्त पोषित संगठन है आते हैं जो अधिकार भारतवर्ष के हर नागरिकों के हित के लिए बनाए गए जन सूचना अधिकार में पीड़ित द्वारा माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिए प्रार्थना पत्र में कानपुर नगर के थाना रायपुरवा जनसुनवाई में झूठी रिपोर्ट उप निरीक्षक सुरेश पटेल भी बराबर लगाने का काम कर रहे हैं सच को झूठ में बदल कर जन सूचना अधिकार का उल्लंघन करने में लगे हैं

Related posts

मैजिक बुक ऑफ़ रिकॉर्ड द्वारा आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में भारत के अलग-अलग राज्यो से आये प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।

Pooja Chauhan

“नीम हकीम” में दर्शकों को हंसाते हुए कलाकारों ने दिया संदेश

Deepak Pushpdeep

A Minor Girl Gang-raped And Murdered In Bihar

Susmita Dey

काली बर्फ़ ने दर्शकों को कराया सच से रूबरू

Deepak Pushpdeep

रंगमंच में है संगीत का अत्यंत महत्व

Deepak Pushpdeep

Atopic Dermatitis Day: Everything You Need To Know About This Skin Condition

newsmbr

Leave a Comment