रविवार शाम फोर्थ वाॅल प्रोडक्शंस संस्था द्वारा आयोजित नाटक लाइट्स कैमरा एक्शन ने दर्शकों को हंसाते हुए करप्शन की समस्या को उजागर किया। द कैसल ऑफ आर्ट थियेटर, दशमेश प्लाज़ा में आयोजित हुए इस नाटक में अभिनेताओं ने दर्शकों का मनोरंजन करते हुए बताया कि सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के माध्यम से कोई भी कार्य कराया जा सकता है। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डी0आई0जी0 विकास तथा कर्नल सोनिया वालिया तथा बतौर विशिष्ट अतिथि कर्नल सौरभ सेठी तथा डाॅ0 अजय गर्ग शामिल रहे।
लाइट्स कैमरा एक्शन नाटक में लेखक, निर्देशक और प्रोड्यूसर महाकाव्य महाभारत पर एक फ़िल्म बनाने की योजना बनाते हैं। फ़िल्म निर्माण को क्लियरेंस सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए वह अलग-अलग सरकारी विभागों में एप्लाई करते हैं लेकिन उन्हें हर विभाग से कुछ आब्ज़र्वेशंस से सम्बन्धित पत्र मिलते हैं। वह तीनों अलग-अलग विभागों में जाते हैं तो सरकारी अधिकारी उन्हें महाभारत से जुड़े हुए तथ्य हटा कर फ़िल्म बनाने को कहते हैं मसलन कृष्ण भगवान के मुकुट में मोर पंख इस्तेमाल न करें, हाथी-घोड़े की जगह इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इस्तेमाल करें, परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के लिए कौरवों-पांडवों के बच्चे कम करने के लिए कहा जाता है तो कुछ अधिकारी फ़िल्म में अपने बच्चों को रोल देने के लिए भी कहते हैं। अंत में रिश्वत के माध्यम से सभी अधिकारियों को पैसों से भरे बैग दिए जाते हैं तो सभी अपने क्लियरेंस सर्टिफ़िकेट दे देते हैं और वह फ़िल्म बनाने में सफल हो जाते हैं।
डाॅ0 अंकुश शर्मा द्वारा निर्देशित और अमन खान द्वारा सह-निर्देशित इस नाटक को प्रताप सहगल लिखित नाटक यूं बनी महाभारत की प्रेरणा से तैयार किया गया। वहीं दीपक पुष्पदीप तथा डाॅ0 सी पी यादव ने इस नाटक के प्रबंधक की भूमिका निभाई। इस नाटक के कलाकारों में शरद परसाई, पंकज, विजय मुद्गल, भूमिका रावत, हेमंत कौशिक, अभिषेक राठौड़, निशान्त कदम, अभिषेक प्रिन्स तथा आकाश सेंगर ने अपने शानदान अभिनय से दर्शकों को बांधे रखा। वहीं, सैट और प्राॅपर्टी इंचार्ज की भूमिका दर्शन कुमार ने निभाई।