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नेशनल अवॉर्डी हुसैन मेले में लेकर आए वर्ल्ड रिकॉर्ड नक्काशी वाली प्लेट
मेले में थीम स्टेट उत्तर प्रदेश के शिल्पकार दिखा रहे अपनी कला का हुनर
फरीदाबाद
39वें अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में इस वर्ष न केवल सांस्कृतिक विविधता देखने को मिल रही है, बल्कि विश्व स्तरीय कीर्तिमान स्थापित करने वाले शिल्पकारों का भी हुनर देखने को मिल रहा है। इस वर्ष परिसर में स्टॉल नंबर 1140 से 1239 तक लगाई गई 100 स्टॉलें केवल नेशनल अवार्डी और विशिष्ट पुरस्कार विजेताओं के लिए आरक्षित की गई हैं। यहां देश के वे चुनिंदा कलाकार व शिल्पकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं जिन्होंने भारतीय हस्तशिल्प को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है।
39वें अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में इस वर्ष न केवल सांस्कृतिक विविधता देखने को मिल रही है, बल्कि विश्व स्तरीय कीर्तिमान स्थापित करने वाले शिल्पकारों का भी हुनर देखने को मिल रहा है। इस वर्ष परिसर में स्टॉल नंबर 1140 से 1239 तक लगाई गई 100 स्टॉलें केवल नेशनल अवार्डी और विशिष्ट पुरस्कार विजेताओं के लिए आरक्षित की गई हैं। यहां देश के वे चुनिंदा कलाकार व शिल्पकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं जिन्होंने भारतीय हस्तशिल्प को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है।

4 लाख की प्लेट और ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ का गौरव
इसी कड़ी में नेशनल अवार्डी व गिनीज वर्ल्ड में कीर्तिमान स्थापित कर चुके हुसैन की स्टॉल नंबर 1213 पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। शिल्पकार हुसैन इस बार मेले में एक ऐसी अनूठी पीतल की प्लेट लेकर आए हैं जिसने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। इस प्लेट की विशेषताएं कला प्रेमियों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर रही हैं। इस प्लेट पर 52 हाथियों की बारीक नक्काशी की गई है। इस प्लेट पर 24 कैरेट गोल्ड की नक्काशी का काम किया गया है, जो इसकी भव्यता में चार चांद लगाता है, जिसकी कीमत लगभग 4 लाख रुपए है। शिल्पकार हुसैन ने बताया कि वर्ष 2022 में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल द्वारा नेशनल अवार्ड से सम्मानित हो चुके है, उनकी स्टॉल पर पीतल की नक्काशी के बेहतरीन नमूने उपलब्ध हैं, जिसमें पीतल के फ्लावर पॉट और ज्वेलरी, सूरई, नक्काशी के बर्तन, विभिन्न आकारों की पीतल की घंटियां और सजावटी सामान प्रदर्शित किया गया है।
मेला परिसर में नेशनल अवार्डी और विशिष्ट पुरस्कार विजेता शिल्पकारों की लगाई गई विशेष स्टॉलों पर पर्यटक न केवल सामान खरीद रहे हैं, बल्कि सीधे कलाकारों से संवाद कर उनकी कला यात्रा, संघर्ष और नक्काशी की बारीकियों के बारे में जानकारी भी प्राप्त कर रहे हैं।




