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अंतरराष्ट्रीय शिल्प महोत्सव के माध्यम से कलाकृतियों और संस्कृति से जुडने रोजाना सैकड़ों युवा पहुंच रहे सूरजकुंड

39 वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव - 2026

सूरजकुंड (फरीदाबाद)।
दुनिया के सबसे बडे शिल्प महाकुंभ के माध्यम से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संबंधों की घनिष्ठता से युवा पीढ़ी को जोड़ने की दिशा में प्रदेश के विरासत व पर्यटन मंत्री डा. अरविंद शर्मा अनूठा प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने गोहाना विधानसभा से प्रतिदिन अलग-अलग विद्यालयों, महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को सूरजकुंड लाने की व्यवस्था की है, ताकि वो अनेकता में एकता के मंच पर पहुंच कर भारतीय सभ्यता-संस्कृति को नजदीक से महसूस करें।

अरावली की तलहटी में 31 जनवरी से प्रारंभ 39 वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव 2026 में फरीदाबाद व आस-पास के इलाके के युवाओं की निरंतर भागीदारी हो रही है। इस बार गोहाना विधानसभा में आने वाले सरकारी, गैर सरकारी स्कूल के युवाओं को भी योजनाबद्ध तरीके से इस मेले का भ्रमण करने का सुअवसर प्राप्त हो रहा है। दरअसल, प्रदेश के पर्यटन मंत्री डा. अरविंद कुमार शर्मा का मानना है कि हमारी युवा पीढ़ी को सांस्कृतिक विरासत के समृद्ध केंद्र सूरजकुंड मेले के माध्यम से देश के सभी राज्यों की हस्तशिल्प, हथकरघा, बुनकर विधाओं को नजदीक से देखने व समझने का अवसर मिलेगा। इसी प्रकार से हर साल बनने वाले पार्टनर नेशन व थीम स्टेट की सांस्कृतिक, कला विरासत को जानने का मौका मिलेगा। इससे इन युवाओं के अंदर भारतीय व विदेशी परंपराओं के बारे में व्यवहारिक ज्ञान विकसित होगा, जो उनके जीवन भर काम आएगा। इसके लिए उन्होंने अपने गोहाना कार्यालय से प्रतिदिन दो स्कूलों के विद्यार्थियों की टोलियों को बसों के माध्यम से सूरजकुंड लाने की व्यवस्था की है।
वीरवार को गोहाना के राजकीय कन्या महाविद्यालय के साथ-साथ, लाठ के स्कूल के विद्यार्थी मेले में पहुंचे। उन्होंने पार्टनर नेशन इजिप्ट, थीम स्टेट उत्तर प्रदेश व मेघालय के पवेलियन का दौरा करते हुए उनकी समृद्ध संस्कृति और कला संस्कृति के बारे में जानकारी हासिल की। इसके बाद मुख्य चौपाल व छोटी चौपाल पर प्रादेशिक कलाकारों द्वारा दी गई प्रस्तुतियों और विदेशी दलों के कलाकार प्रतिनिधियों द्वारा दी गई प्रस्तुतियों का आनंद लिया। विद्यार्थियों ने स्वयं सहायता समूह व केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के माध्यम से लगाए गए स्टॉलों का भी दौरा करते हुए अवलोकन किया और जानकारी प्राप्त की। पर्यटन मंत्री डा. अरविंद शर्मा ने कहा कि हमारी युवा पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का सूरजकुंड मेले से बेहतर विकल्प नहीं हो सकता। इसलिए रोजाना गोहाना विधानसभा से विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव में लाने-ले जाने और दोपहर भोज की व्यवस्था की गई है, जिसका  स्वयं सेवकों की टोली द्वारा प्रबंधन किया जा रहा है।

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